इयत्ता-प्रकृति

Friday, March 16, 2012

रूमाल ?




विडम्बना है

कल जब

हांफता हुआ

और रोता बिलखता

पर्यावरण

मेरे पास आयेगा,

तब मैं

उसके आंसू भी

नहीं पोंछ सकूंगा

क्योंकि

मेरे हाथ में

पालीथीन है !


[] राकेश सोहम 9425800933








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